टूटी घड़ी और नया हौसला – एक भावुक कहानी
एक उदास शाम और टूटी हुई घड़ी शाम ढल चुकी थी और बाज़ार की रौनक धीरे-धीरे सिमट रही थी। साठ वर्षीय रामदीन अपनी छोटी सी घड़ी मरम्मत की दुकान में बैठे, चश्मा चढ़ाए एक पुरानी जेब-घड़ी को ध्यान से देख… Continue Reading