राहुल बाबा की ‘कान-क्रांति’: जब ‘मन की बात’ पर भारी पड़ी ‘जनता की चिंता’!

सुनिए, सुनिए, देशवासियों! अब तक आप केवल रेडियो खोलकर देश के ‘प्रधान सेवक’ के ‘मन की बात’ सुन रहे थे। लेकिन कांग्रेस के अनुसार, अब वह दौर बीत चुका है। अब देश में ‘कान-क्रांति’ का आगाज हो चुका है। कांग्रेस… Continue Reading →

नक्शेबाजी का नया खेल: संयुक्त राष्ट्र की पेंसिल पर हमारी कूटनीतिक ‘रबर’!

वाह! क्या गजब की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति है। संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक बड़ा सुधार होने जा रहा है—वह भी नक्शों का! जी हां, दुनिया भर के देशों की सीमाएं जो अक्सर कागजों पर खिसकती रहती हैं, उन्हें सुधारने के लिए… Continue Reading →

संयुक्त राष्ट्र का नक्शा सुधार और भारत का लाल पेन: पेंसिल तुम्हारी, रबर हमारा!

वाह! संयुक्त राष्ट्र (UN) को आखिरकार कूटनीतिक ज्ञान प्राप्त हुआ है कि दुनिया के नक्शे थोड़े बिगड़े हुए हैं। अब वे ‘मैप रिफॉर्म’ यानी नक्शा सुधार का पवित्र संकल्प लेकर आए हैं। भारत ने भी बड़े भाई की भूमिका निभाते… Continue Reading →

लोकतंत्र का नया गणित: जब ‘रीताब्रत’ को सपनों में दिखने लगे जादुई आंकड़े!

नमस्कार दर्शकों! ‘काक-वाणी’ में आपका स्वागत है, जहां हम राजनीति के उस कीचड़ को खंगालते हैं जिसमें से हर नेता खुद को कमल समझकर बाहर निकलने की कोशिश करता है। आज की सबसे बड़ी ताज़ा और गरमा-गरम खबर बंगाल की… Continue Reading →

बंगाल की राजनीति में ‘गणित’ का नया चमत्कार: जब विपक्ष को दिखने लगे ‘जादुई आंकड़े’!

भारतीय राजनीति में ‘गणित’ एक ऐसा विषय है, जिसे समझने के लिए महान गणितज्ञों को भी दोबारा ट्यूशन लेना पड़ सकता है। हालिया चमत्कार पश्चिम बंगाल से आया है, जहां नेता प्रतिपक्ष रीताब्रत बनर्जी ने अचानक छाती ठोककर दावा कर… Continue Reading →

रामचंद्र गुहा का ऐतिहासिक खुलासा: 120 सालों से सिर्फ राजनीति बदलने के लिए ही तो फेल हो रहे हैं भारतीय छात्र!

मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने एक बार फिर अपने ज्ञान के झोले से एक चमचमाता हुआ सच निकाला है। उन्होंने अपने ताजा ज्ञान-प्रवचन में फरमाया है कि पिछले 120 वर्षों से भारतीय छात्र देश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन को… Continue Reading →

रामचंद्र गुहा का नया ज्ञान: 120 साल की ‘छात्र क्रांति’ और कैंटीन का उधारी खाता

हमारे देश के परम आदरणीय, ज्ञान के जीते-जागते एनसाइक्लोपीडिया और इतिहास के स्वघोषित ठेकेदार रामचंद्र गुहा जी ने एक बार फिर अपने ज्ञान की गंगा बहाई है। स्क्रॉल.इन (Scroll.in) पर अपने ताजा महाप्रवचन में उन्होंने फरमाया है कि पिछले 120… Continue Reading →

पंजाब के सुलगते दंगल में ‘दर्शक’ बनकर उतरे कांग्रेस के नए धुरंधर!

कांग्रेस पार्टी की सांगठनिक कुशलता की दाद तो पूरी दुनिया को देनी पड़ेगी! जब-जब किसी राज्य में पार्टी का आशियाना सुलगने लगता है, आलाकमान फायर ब्रिगेड बुलाने या पानी की बाल्टी ढूंढने के बजाय दिल्ली के वातानुकूलित कमरों से कुछ… Continue Reading →

सुरजीत भल्ला का दिव्य चश्मा: जब GDP के ‘डाटा’ में दिखा सिर्फ और सिर्फ ‘सत्य’!

वाह! क्या बात है। देश के महान अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला जी ने हमारे ज्ञान चक्षु खोल दिए हैं। उन्होंने साफ-साफ कह दिया है कि भारत के जीडीपी (GDP) आंकड़ों में “रत्ती भर भी राजनीति” नहीं है। अब भला भल्ला साहब… Continue Reading →

डेटा में ‘नो पॉलिटिक्स’: अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला का चश्मा और हमारी चमत्कारी जीडीपी!

जब देश के जाने-माने अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला यह कहें कि भारत की जीडीपी के आंकड़ों में कोई गड़बड़ नहीं है और इसमें “बिलकुल कोई राजनीति नहीं” है, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला नहीं है, बल्कि पूरी की… Continue Reading →