चंदे की गंगा में हाथ धोती गुमनाम पार्टियां: १०,००० करोड़ का ‘सफेद’ चमत्कार!

स्वागत है देशवासियों! अगर आप भी आयकर (Income Tax) की मार से त्रस्त हैं, रात-दिन गधे की तरह मेहनत करके सरकार की तिजोरी भर रहे हैं और फिर ‘पनीर से लेकर पराठे’ तक पर जीएसटी चुका रहे हैं, तो आपके… Continue Reading →

राहुल की ‘चिंता’ बनाम मोदी की ‘बात’: जब कानों को मिला काम और जुबान को आराम!

भारतीय राजनीति में इन दिनों एक नया और बेहद क्रांतिकारी आविष्कार हुआ है – ‘सुनना’। जी हाँ, अब तक हमारे देश के नेता सिर्फ बोलना जानते थे, लेकिन कांग्रेस ने दावा किया है कि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’… Continue Reading →

राहुल बाबा के ‘खुले कान’ और मोदी जी का रेडियो: ‘काक-वाणी’ का विशेष ज्ञान

भारतीय राजनीति के इतिहास में एक ऐसा चमत्कार हुआ है, जिसे सुनकर साक्षात विधाता भी अपने कान साफ करने लगे होंगे। कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का उद्देश्य भाजपा की तरह ‘मन… Continue Reading →

राहुल बाबा की ‘कान खोलो यात्रा’ और जनता की ‘चुप रहो’ प्रार्थना

राम-राम भाइयों और उनकी बहनों! ‘काक-वाणी’ की मुंडेर पर आपका स्वागत है। आज हमारे कौवे थोड़े भावुक हैं। वजह? कांग्रेस का वह ऐतिहासिक दावा, जिसमें कहा गया है कि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कोई ‘मन की बात’ सुनाने… Continue Reading →

ड्रैगन की ‘पाठशाला’ और हमारे ‘बैकबेंचर’ नेता

पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले साहब ने एक बेहद गंभीर ज्ञान दिया है—”भारत को चीन की घरेलू राजनीति का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए।” वाह! क्या मशवरा है। हमारे नीति-निर्माता और नेता, जो खुद को चाणक्य की अट्ठारहवीं पीढ़ी का… Continue Reading →

अखिलेश बाबू का नया ‘एआई’ ज्ञान: लैपटॉप से आगे बढ़कर अब ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ से सुधरेगा समाज!

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवाद अब ‘साइकिल’ से उतरकर सीधे ‘सुपरकंप्यूटर’ पर सवार हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी को नसीहत दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल ‘सकारात्मक’ कामों के लिए… Continue Reading →

समाजवादियों का नया ‘आर्टिफिशियल’ प्रेम: जब अखिलेश बाबू को याद आया ‘एआई’ का धर्म!

वाह! युग बदल गया है, और उसके साथ हमारे समाजवाद का रंग भी बदल गया है। कभी जो समाजवादी पार्टी कंप्यूटर और अंग्रेजी का विरोध करके क्रांति लाने का सपना देखती थी, आज उसके मुखिया अखिलेश यादव जी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’… Continue Reading →

‘टर्निंग पॉइंट’ के चक्रव्यूह में फंसी कांग्रेस: जब यात्रा तो बढ़ी, पर सीटें वहीं खड़ी रहीं!

वाह रे राजनीति! और सौ बार वाह रे हमारी प्यारी कांग्रेस! जब पूरा देश महंगाई, बेरोजगारी और आगामी चुनावों के फेर में उलझा हुआ है, तब कांग्रेस मुख्यालय में शहनाइयां बज रही हैं। मौका बेहद ऐतिहासिक है—’भारत जोड़ो यात्रा’ के… Continue Reading →

‘साहित्यकार’ सोनिया गांधी: जब ‘मौन’ रहने वाली ‘महा-शासिका’ ने उठाई कलम!

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर सालों तक नेपथ्य में रहकर ‘रिमोट कंट्रोल’ से सत्ता का सुमधुर संगीत बजाने वाली आदरणीय सोनिया गांधी जी अब एक नए अवतार में हमारे सामने हैं। ‘फ्रंटलाइन’ पत्रिका ने घोषणा की है कि सोनिया जी… Continue Reading →

‘मन की बात’ बनाम ‘जनता की चिंता’: राहुल बाबा की ‘सुनने’ वाली क्रान्ति

वाह! क्या दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हुई है कांग्रेस को। दशकों तक देश को अपने ‘मन की बात’ (या कहें तो एकतरफा भाषण) सुनाने वाली राजनीति के बीच अचानक एक नया नैरेटिव बाजार में उतरा है। कांग्रेस का कहना है… Continue Reading →