राजनीति से परे भारत-ईरान का ‘रूहानी’ गठबंधन: जब मोदी मिले पेज़ेश्कियान से!

वाह! क्या बात कही है ईरानी विशेषज्ञ महोदय ने। जब उन्होंने कहा कि ‘भारत और ईरान के रिश्ते राजनीति से परे हैं’, तो कूटनीति के गलियारों में बैठे हमारे पुराने बाबुओं की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। राजनीति… Continue Reading →

पुतिन दादा पधारे भारत: युद्ध, टैरिफ और ‘गले मिलने’ का नया रिकॉर्ड!

लीजिए साहब, वैश्विक शांति के स्वघोषित मसीहा और परमाणु बटन को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले व्लादिमीर पुतिन आखिरकार भारत की पावन धरती पर पधार चुके हैं। मौका है ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का, जिसे पश्चिमी देश ‘बहिष्कृत नेताओं का… Continue Reading →

शोक सभा में ‘नो एंट्री’: जब पंजाब के ग्रामीणों ने छीन लिया नेताओं का ‘आपदा में अवसर’

भारत के लोकतंत्र में सबसे बड़ा मानवाधिकार क्या है? मुफ्त राशन? अभिव्यक्ति की आजादी? जी नहीं, सबसे बड़ा अधिकार है – किसी की मौत पर राजनीति करने का पावन अधिकार। लेकिन पंजाब के एक गांव वालों ने इस पवित्र अधिकार… Continue Reading →

तिलचट्टों की ‘क्रांति’ और मंत्री जी का ‘इस्तीफा महात्म्य’

वाह! क्या गजब का दौर आ गया है। कल तक जो नेता जी जनता के बीच दहाड़ते हुए विपक्ष को ‘कीड़े-मकौड़े’ समझते थे, आज एक अदने से तिलचट्टे (कॉकरोच) ने उनका पूरा राजनीतिक करियर ही डस्टबिन में डाल दिया। बीबीसी… Continue Reading →

ड्रैगन के घर में तांक-झांक: जब पूर्व राजनयिक ने दी मुफ्त की सलाह

पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले साहब ने देश के बौद्धिक जगत में एक नया विमर्श छोड़ दिया है। उनका कहना है कि भारत को चीन की घरेलू राजनीति का गहराई से अध्ययन करना चाहिए। वाह! क्या अद्भुत और क्रांतिकारी विचार… Continue Reading →

अब ‘राडार’ पर होंगे पापी: अयोध्या में एयर मार्शल की लैंडिंग और ‘काक-वाणी’ का दिव्य विश्लेषण

वाह! क्या दिव्य और भव्य सोच है। अब तक तो हम यही सोचते थे कि अयोध्या के राम मंदिर में केवल आध्यात्मिक शक्तियां ही सुरक्षा और व्यवस्था प्रदान करती हैं, लेकिन हमारी दूरदर्शी सरकार ने सोच लिया कि ‘हवाई सुरक्षा’… Continue Reading →

ड्रैगन की पाठशाला: गोखले साहब, हमारे नेताओं को ‘वन-पार्टी सिस्टम’ का ट्यूशन मत दीजिए!

पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले ने एक बहुत ही गंभीर और क्रांतिकारी सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत को चीन की घरेलू राजनीति का अधिक बारीकी से अध्ययन करना चाहिए। वाह! गोखले साहब, आपने हमारे देश के कर्मठ… Continue Reading →

चीनी ‘चाणक्य नीति’ की ट्यूशन: जब अपनी ही राजनीति ‘कॉमेडी शो’ हो, तो ड्रैगन से क्या सीखना?

शुरुआत करते हैं पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले साहब के उस ताज़ा ज्ञान से, जिसमें उन्होंने बड़े ही संजीदा लहजे में कहा है कि भारत को चीन की घरेलू राजनीति का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए। वाह! क्या अद्भुत विचार… Continue Reading →

ड्रैगन की ‘पाठशाला’ और हमारे ‘बैकबेंचर’ नेता: गोखले साहब का ज्ञान

वाह! क्या अद्भुत और क्रांतिकारी मशविरा दिया है। हमारे पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले साहब ने फरमाया है कि भारत को चीन की घरेलू राजनीति का गहराई से अध्ययन करना चाहिए। अब भला इस बात की क्या तुक है? हमारे… Continue Reading →

क्रांति का नया पता: बंदूक की नली से एसी कमरे के कीबोर्ड तक!

वाह! क्या अद्भुत विकास यात्रा है। डार्विन साहब आज जिंदा होते तो इंसानी विकास के सिद्धांत को ठंडे बस्ते में डालकर वामपंथियों के इस ‘महान विकास’ पर एक नया शोध ग्रंथ लिख डालते। कभी जो क्रांति बंदूक की नली से… Continue Reading →