तिलचट्टों की ‘क्रान्ति’ और मंत्री जी का इस्तीफा: जब बीबीसी ने ढूंढा भारत का असली ‘पेस्ट कंट्रोलर’!

वाह! धन्य है हमारी भारतीय राजनीति और धन्य हैं हमारे गोरे साहबों का बीबीसी चैनल, जिन्हें भारत की सड़कों पर घूमते तिलचट्टों (कॉकरोच) में भी लोकतंत्र की बहाली का नया हथियार दिख जाता है। खबर आई है कि अभिजीत दिपके… Continue Reading →

कॉकरोच क्रांति: जब एक छात्र और ‘लालवेगों’ ने हिला दिया सत्ता का सिंहासन

वाह रे भारतीय लोकतंत्र! जहाँ बड़े-बड़े वादे, धरने और विपक्ष के तीखे बाण भी मंत्रियों की मोटी चमड़ी में छेद नहीं कर पाते, वहाँ एक अदना सा ‘कॉकरोच’ इतिहास रच देता है। जी हाँ, बीबीसी की ताजा सुर्खी ने साबित… Continue Reading →

तिलचट्टों की क्रांति: जब एक छात्र और ‘कॉकरोच’ ने हिला दी मंत्री जी की गद्दी

भारतीय राजनीति के इतिहास में आज तक बड़े-बड़े घोटालों, अदालती नोटिसों और जनता की चीख-पुकार से किसी मंत्री की कुर्सी हिली हो, ऐसा कम ही देखने को मिलता है। हमारे माननीय नेतागण ‘फेविकोल का मजबूत जोड़’ लगाकर अपनी कुर्सियों से… Continue Reading →

भारत की पावन भूमि पर ईरान-यूएई का ‘महा-मिलाप’: कूटनीति या ‘समोसा डिप्लोमेसी’?

सज्जनों, अगर आपको लगता था कि भारत सिर्फ अपनी घरेलू राजनीति के ‘दंगल’ और चुनावी जुमलों के लिए मशहूर है, तो आप कतई गलत हैं। अब हमारा प्यारा भारत वैश्विक कूटनीति का वह ‘प्यार का पंचनामा’ बन चुका है, जहां… Continue Reading →

जब एक छात्र और उसके ‘कॉकरोच’ गैंग ने मंत्री जी का सिंहासन डोलने पर मजबूर कर दिया!

राम-राम भाइयों और बहनों! ‘काक-वाणी’ में आपका स्वागत है। हम तो सोचते थे कि लोकतंत्र में सरकारों को हिलाने के लिए भारी-भरकम जन आंदोलनों, अनशनों और करोड़ों के चुनावी खर्च की जरूरत होती है। लेकिन बीबीसी की एक ताजा रिपोर्ट… Continue Reading →

युवाओं की ‘गद्दारी’ और नेताजी के बहते आंसू: राजनीति का ‘यंगिस्तान’ से मोहभंग

द इंडियन एक्सप्रेस की एक हालिया रिपोर्ट ने हमारे देश के कर्मठ, ईमानदार और दिन-रात जनता की ‘सेवा’ में दुबले होते राजनेताओं की रातों की नींद उड़ा दी है। रिपोर्ट कहती है कि भारत का युवा वोटर अब राजनीतिक दलों… Continue Reading →

कॉकरोच क्रांति: जब रेंगते हुए जीवों ने हिला दिया माननीय मंत्री जी का सिंहासन!

क्रांति का नया प्रतीक: लाल सलाम नहीं, अब ‘कॉकरोच सलाम’! भारतीय राजनीति में इतिहास गवाह है कि बड़े से बड़े घोटाले, जनता का हाहाकार और विपक्ष का शोर भी किसी मंत्री की कुर्सी को बाल बराबर नुकसान नहीं पहुंचा पाते।… Continue Reading →

चाबहार का ‘चाय-पानी’ और राजनीति से परे का ‘रूहानी’ इश्क!

जब इश्क ‘राजनीति’ से ऊपर उठकर ‘चाबहार’ पर अटक जाए! वाह! क्या दिव्य ज्ञान मिला है। रूस के कज़ान में ‘ब्रिक्स’ (BRICS) की गर्मजोशी के बीच, जब हमारे परम आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के नए-नवेले राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान… Continue Reading →

लोकतंत्र का नया ‘शॉर्टकट’: वोटर गायब, चुनाव आयोग मस्त और जनता पस्त!

वाह! हमारे देश के नीति-नियंताओं और चुनाव आयोग की बुद्धिमत्ता को कोटि-कोटि नमन। दुनिया के पिछड़े लोकतंत्र आज भी इस भ्रम में जी रहे हैं कि चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच जाना पड़ता है, रैलियां करनी पड़ती हैं… Continue Reading →

‘राजनीति से परे’ भारत-ईरान संबंध: जब चाबहार की कसमों में घुली कूटनीति की ‘चाय’!

कज़ान की ठंडी हवाओं में जब हमारे प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी और ईरान के नए नवेले राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान गले मिले, तो कूटनीति के गलियारों में ऐसी गर्माहट पैदा हुई कि ईरानी विशेषज्ञों को सीधे अध्यात्म की याद आ गई।… Continue Reading →