दोस्ती की मिसाल
Title: दोस्ती की मिसाल विधायक श्री रामेश्वरम ने अपनी गाड़ी लेकर अपने राज्य से दूसरे राज्य में अपने दोस्त के यहां जाते हुए दोस्ती की याद भी नहीं गई थी। दोनों दोस्त बचपन से जुड़े हुए थे और एक दूसरे… Continue Reading
Title: दोस्ती की मिसाल विधायक श्री रामेश्वरम ने अपनी गाड़ी लेकर अपने राज्य से दूसरे राज्य में अपने दोस्त के यहां जाते हुए दोस्ती की याद भी नहीं गई थी। दोनों दोस्त बचपन से जुड़े हुए थे और एक दूसरे… Continue Reading
Title: एक गलती के बदले दो जिंदगियाँ जिन्दगी की कुछ बातें जादुई तरीके से होती हैं। कुछ समय आसान गुज़रते हैं और कुछ अजीब साबित होते हैं। लेकिन इसकी वजह वो होता है जो हमे नहीं पता होता। इस गुजरें… Continue Reading
Title: बच्चों के संगीत का अंत एक समय की बात है, जब सभी लोगों का लोकप्रिय मनोरंजन मूसिक था। बच्चों के भी समय बड़े संगीत प्रतियोगिताओं को देखते देखते बीत जाता था। हर बच्चा माने या न माने, अपने अंदर… Continue Reading
खेत की कुछ खबर मनोहर गांव में एक किसान रहता था जिसके पास एक बड़ा खेत था। उसे अपने खेत में लगातार कुछ अनोखे आवश्यकताओं की खबर कई दिनों से थी, शायद उसे लगता था कि कुछ आबादी उसके खेत… Continue Reading
चमत्कारी जीवन एक समय की बात है जब एक परिवार एक संघर्ष के साथ जीवन जीता था। दिन रात मेहनत के बाद भी उन्हें अपनी जरूरतों के लिए पैसे की कमी महसूस होती थी। वे आधे रात को तक भूखे… Continue Reading
Title: रफ़खान महल एक छोटे से गांव में जहाँ सभी लोग सुबह उठते ही अपने काम में लग जाते थे। वहाँ एक शहरी युवक ने एक पुराने जहाज को सुंदर बनाने का सपना देखा था। वह जहाज बनाने की टेक्निक… Continue Reading
Title: खुशियों की तलाश में एक बुजुर्ग आदमी था जो अपने जीवन के अंतिम समय में था। वह ज्यादा लम्बे समय से बीमार था और उसे यह अनुभव हो रहा था कि उनका अंत नजदीक आ रहा है। उसे नहीं… Continue Reading
एक किसान का सपना एक छोटे से गाँव में रहने वाले किसान का एक सपना था कि उसके पास एक अच्छा सा बगीचा हो जिसमें वो खुद के ही लगाये हुए फल, सब्जियाँ उगाएँ और उन्हें अमावस्या के दिन श्रद्धा… Continue Reading
Title: “अवसर” अवसर कभी घर पर तकदीर नहीं लेकिन कभी ज़िन्दगी को रास्ता दिखा देते हैं। यह ऐसा ही एक अवसर था जो सच्चाई को एक ही जगह पर मिला देने वाला था लेकिन उस व्यक्ति की नजर कुछ और… Continue Reading
दिन ढल रहा था, सूरज थोड़ा सा सामने से नीचे गिरने वाला था और एक सुंदर सावन की शाम थी। डॉ अभिषेक चंद्र अपने आखरी रात पॉलीटेक्निक कॉलेज में था। दुनिया अब बड़ी हो जाएगी। उसने अपनी सोच में खो… Continue Reading