सुबह-सुबह जब आपकी नींद खुलती है, तो सबसे पहले आपके फोन की स्क्रीन पर एक चमचमाता ‘सुप्रभात’ का मैसेज आता है, जिसके बैकग्राउंड में गुलाब की पंखुड़ियों से ओस टपक रही होती है। लेकिन बात सिर्फ ‘गुड मॉर्निंग’ तक सीमित नहीं रहती। इसके ठीक नीचे आता है हमारी ‘WhatsApp यूनिवर्सिटी’ का वह ज्ञान, जिसे पढ़कर अल्बर्ट आइंस्टीन भी अपनी थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी को फाड़कर समोसे खाने के काम में ले लेते।
यूनेस्को का ‘सर्वश्रेष्ठ’ पुरस्कार और नासा की बेचैनी
हमारे पारिवारिक ग्रुप्स (फैमिली ग्रुप्स) के अनुसार, यूनेस्को (UNESCO) के पास इस समय और कोई काम नहीं बचा है, सिवाय भारत के राष्ट्रगान, हमारे राष्ट्रीय ध्वज और हमारी अनूठी सड़कों को हर हफ्ते ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करने के। बेचारा यूनेस्को पेरिस में बैठकर आज भी सोचता होगा कि आखिर उन्होंने यह सर्टिफिकेट कब और किसे व्हाट्सएप पर पीडीएफ बनाकर भेजा था? उधर नासा (NASA) के वैज्ञानिक दिन-रात अंतरिक्ष में करोड़ों रुपये के टेलिस्कोप लगाकर सिर्फ यही सुनने की कोशिश कर रहे हैं कि सूर्य से ‘ॐ’ की आवाज कैसे आ रही है, जिसकी खोज हमारे व्हाट्सएप के शर्मा जी ने चाय की चुस्की लेते हुए कर दी है।
इलाज ऐसा कि यमराज भी इस्तीफा दे दें
अगर आपके पेट में दर्द है, तो डॉक्टर के पास जाने की भूल बिल्कुल न करें। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों के पास इसका अचूक और मुफ्त इलाज है। ‘कच्चा प्याज और सेंधा नमक’ खाने से लेकर ‘नींबू की दो बूंद नाक में डालने’ तक, यहां कैंसर से लेकर हार्ट ब्लॉकेज तक का इलाज सिर्फ दो मिनट के ऑडियो क्लिप में संभव है। मेडिकल साइंस के रिसर्चर अगर इन नुस्खों को देख लें, तो वे अपनी करोड़ों की लैब बेचकर हिमालय पर तपस्या करने चले जाएं।
’11 लोगों को भेजें’ और अमीर बनें
और हां, उस सबसे बड़े चमत्कारिक दावे को कैसे भूल सकते हैं? “इस संदेश को तुरंत 11 लोगों को फॉरवर्ड करें, शाम तक कोई बहुत बड़ी खुशखबरी मिलेगी। अनदेखा करने पर मोबाइल की स्क्रीन टूट सकती है या घर की वाई-फाई गायब हो सकती है।” इस डर से हमारे देश के लाखों भोले-भाले नागरिक अपनी उंगलियों को कष्ट देते हैं।
काक-वाणी की कड़वी सच्चाई
सच तो यह है कि इन दावों की कड़वी सच्चाई सिर्फ इतनी है कि ये बिना सिर-पैर के झूठ हैं, जिनका हकीकत और विज्ञान से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। तो अगली बार जब आपके पास ऐसा कोई वायरल संदेश आए, तो कृपया अपने विवेक का इस्तेमाल करें। याद रखें, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए दिमाग को बाहर ‘साइलेंट मोड’ पर रखना अनिवार्य शर्त है। स्वस्थ रहिए, सचेत रहिए और फॉरवर्ड बटन दबाने से पहले थोड़ा हंस लीजिए!