बॉलीवुड का एक पुराना और सबसे हिट फॉर्मूला है – एक ऐसा हीरो जो दुनिया के बनाए नियमों पर नहीं चलना चाहता। लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि बॉलीवुड का यह सबसे चहेता ‘बागी’ अक्सर कॉलेज की यूनिफॉर्म पहने या कंधे पर बैकपैक लटकाए ही क्यों नजर आता है? हाल ही में ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट ने भी इसी बात पर मुहर लगाई है कि बॉलीवुड का सबसे पसंदीदा बागी कोई गैंगस्टर या डकैत नहीं, बल्कि एक साधारण ‘स्टूडेंट’ है!
आखिर स्टूडेंट ही क्यों बनता है ‘सिस्टम’ का दुश्मन?
चाहें 3 इडियट्स का ‘रैंचो’ हो, जो रट्टा मार पढ़ाई के खिलाफ था, या फिर रंग दे बसंती के वो बेफिक्र दोस्त जो आगे चलकर भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ ही खड़े हो गए। बॉलीवुड ने हमेशा दिखाया है कि बड़े से बड़े बदलाव की चिंगारी कॉलेज कैंटीन की कड़क चाय से ही सुलगती है। असल जिंदगी में भले ही हम 75 प्रतिशत अटेंडेंस पूरी करने के लिए प्रोफेसर के सामने हाथ जोड़ते फिरें, लेकिन पर्दे पर जब कोई स्टूडेंट कॉलेज के रूढ़िवादी नियमों को चुनौती देता है, तो दर्शकों का दिल बाग-बाग हो जाता है। यही कारण है कि मेकर्स इस फॉर्मूले को कभी हाथ से जाने नहीं देते।
मोहब्बत और बगावत का जबरदस्त तड़का
कॉलेज लाइफ का मतलब सिर्फ भारी-भरकम किताबें और क्लासरूम नहीं, बल्कि प्यार और विद्रोह भी है। फिल्म मोहब्बतें के राज आर्यन (शाहरुख खान) को भला कौन भूल सकता है? गुरुकुल के कड़े और अनुशासन वाले नियमों को तोड़कर उसने प्यार का जो परचम लहराया, उसने ‘बागी स्टूडेंट’ की परिभाषा ही बदल दी। बॉलीवुड जानता है कि युवाओं के दिलों में जगह कैसे बनानी है। एक युवा छात्र का जज्बा, उसकी मासूमियत, उसकी नादानियां और व्यवस्था के खिलाफ उसकी बगावत सीधे दर्शकों से कनेक्ट करती है।
काक-वाणी की खरी बात: रील्स बनाम रियल लाइफ
अब बात करें कड़वे सच की, तो रियल लाइफ के स्टूडेंट्स भले ही असाइनमेंट के बोझ और सेमेस्टर एग्जाम्स की टेंशन में दबे रहते हों, लेकिन बॉलीवुड उन्हें हमेशा एक मसीहा के रूप में दिखाता है। छिछोरे से लेकर स्टूडेंट ऑफ द ईयर तक, यह बागी कैरेक्टर हमेशा बॉक्स ऑफिस पर नोट छापने की गारंटी रहा है। तो अगली बार जब आप पर्दे पर किसी स्टूडेंट को कॉलेज की दीवार फांदते या प्रिंसिपल से बहस करते देखें, तो समझ जाइएगा कि बॉलीवुड का यह पसंदीदा ‘रैडिकल स्टूडेंट’ आपके अंदर के दबे हुए बागी को बाहर निकालने आया है!
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