शहर का साया एक छोटे से गाँव में रहने वाला आशीष
शहर का साया एक छोटे से गाँव में रहने वाला आशीष अपने विशाल परिवार के साथ अच्छी तरह से खुश था। लेकिन उसे स्कूल जाने के दिनों से ही शहर में कुछ पानी का चश्मा कहा जाने वाला एक अमीर… Continue Reading
शहर का साया एक छोटे से गाँव में रहने वाला आशीष अपने विशाल परिवार के साथ अच्छी तरह से खुश था। लेकिन उसे स्कूल जाने के दिनों से ही शहर में कुछ पानी का चश्मा कहा जाने वाला एक अमीर… Continue Reading
एक जीत वर्ष 1947 की थी। भारत में आजादी के बाद देश में एक नया उत्साह था। महंगाई कम थी, लोग खुश थे। लेकिन बंगाल नाम की एक महिला के जीवन में उस समय भीषण दु:ख था। उसके पति पुलिस… Continue Reading
Title: एक असली फ्रेंडशिप की कहानी यह कहानी उस दोस्ती की है, जो वास्तविक थी। यह एक सबसे साधारण और उपलब्ध जुड़ाव है जो हम सभी को प्राप्त होता है। जब मैं एक कॉलेज कार्यक्रम में जा रहा था, तो… Continue Reading
Title: फूलों का सफर एक सुन्दर सी महिला जिसका नाम अभिनेत्री रानी था जंगल में बहुत ज्यादा उलझन में थी। वह उस समय एक बड़े फूलों के पौधे के पास वहीं खड़ी थी। उसे गहरा आराम मिल रहा था। लेकिन… Continue Reading
Title: एक छोटे से गाँव की कहानी एक छोटे से गाँव में रहने वाले रामनाथ कहानी के मुख्य किरदार थे। उनके पास एक बड़ा परिवार था और वह उनके चार बेटों में से एक थे। रामनाथ बहुत ही बुद्धिमान और… Continue Reading
Title: बचपन का दोस्त अभिषेक एक बहुत ही मेहनती और मेधावी छात्र था। वह अपनी पढ़ाई में लगा रहता था और अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए हमेशा ही संघर्ष करता रहता था। वह अपने रेहरसल में… Continue Reading
Title: एक परम ज्ञानी कहानी – Ek Param Gyaani Kahani (A Tale of Supreme Wisdom) एक समय की बात है, एक गांव में एक बहुत ही ज्ञानी व्यक्ति रहता था। वह हमेशा सभी की सहायता के लिए तैयार रहता था।… Continue Reading
Title: जीत का उत्सव जिस दिन टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीती थी, उस दिन गणतंत्र दिवस के आयोजन से भी बैंड बज गया था। सभी लोगों में जीत का उत्साह भरा हुआ था और सभी देशभक्त अपनी-अपनी बातों में खोये… Continue Reading
हिंदी कहानी: अकेली लड़की की दास्तान एक अकेली लड़की, नाम था जुही। वह शहर से दूर अपने दादी के घर में रहती थी। जुही की माँ बहुत साल पहले ही दुनिया से चली गई थी और पिता विदेश में काम… Continue Reading
Title: दोस्ती का थप्पड़ कर्तिक और अनुषा बचपन से ही दोस्त थे। वे पढ़ाई के साथ-साथ ही साथी भी थे। जब दोनों कक्षा 8 में पढ़ रहे थे, तब उनमें तकनीकी अंतर्कलन पढ़ाई जाती थी। कर्तिक इसमें बेहद महिर था… Continue Reading