‘द इकोनॉमिस्ट’ की विदेशी खोपड़ी और हमारी ‘क्रोनोलॉजी’ वाली जालसाजी!

ब्रिटेन के गोरे साहबों के मशहूर अखबार ‘द इकोनॉमिस्ट’ को फिर से पेट दर्द उठा है। इस बार उन्हें चिंता सता रही है कि भारत सरकार अपने देश में ‘घुसपैठियों’ को रोकने के चक्कर में अपने ही नागरिकों को कानूनी,… Continue Reading →

चाय की केतली और ‘महान रणनीति’: जब लुटियन्स के विचारकों ने मापा भाजपा का ‘सीलिंग फैन’

वाह! धन्य हैं हमारे देश के वे बौद्धिक शूरवीर, जो वातानुकूलित कमरों में बैठकर, ‘कैमोमाइल टी’ की चुस्कियां लेते हुए देश की विदेश नीति का एक्स-रे कर देते हैं। हाल ही में ‘द वायर’ महाशय को अचानक रात में यह… Continue Reading →

अमेरिका का नया ‘रिटर्न गिफ्ट’: रूसी तेल खरीदो और सौ फीसदी टैरिफ पाओ!

वाह! लोकतंत्र के स्वयंभू ठेकेदार, यानी हमारे प्यारे ‘चाचा सैम’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दुनिया में उनसे बड़ा हितैषी कोई नहीं है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक नया प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें धमकी दी गई… Continue Reading →

भूतकाल की चाशनी में डूबा भविष्य: युवाओं को नौकरी नहीं, ‘इतिहास’ का हलवा चाहिए!

कौआ कान ले गया! जी हां, ‘काक-वाणी’ में आपका स्वागत है। आज हम उस महान राजनीतिक दर्शन पर चर्चा करेंगे जो मानता है कि देश का युवा भविष्य की तरफ नहीं, बल्कि पांच सौ साल पीछे मुड़कर देखना चाहता है।… Continue Reading →

बिना वोट पाए ‘करोड़पति’ बनने की जादुई मशीन: मिलिए हमारे RUPPs से!

वाह! क्या देश है और क्या हमारे देश के दूरदर्शी उद्यमी नेता हैं! हम और आप यहाँ सुबह से शाम तक गधे की तरह मेहनत करके टैक्स चुकाने का रोना रोते हैं, और उधर कुछ अति-बुद्धिमान लोगों ने करोड़पति बनने… Continue Reading →

ब्रिक्स की थाली में कूटनीति का ‘नॉन-वेज’ तड़का: अब चिकन-मटन तय करेगा देश का भविष्य!

अरे भाई साहब! देश के प्रबुद्ध नागरिकों और राजनीति के भूखे पेटों, अपनी कमर कस लीजिए। वैश्विक कूटनीति के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है, जिसे पढ़कर आपके मुंह में पानी आए न आए, लेकिन राजनीतिक दलों… Continue Reading →

लोकतंत्र का सबसे बड़ा विलेन: गाँव का गरीब वोटर और हमारे ‘मजबूर’ नेता

आखिरकार देश की सबसे बड़ी समस्या का ‘वैज्ञानिक’ हल मिल ही गया। ‘चर्चा 2026’ के मंच पर हमारे विद्वान विधायकों ने वह परम सत्य उजागर कर दिया है, जिसे सुनकर अल्बर्ट आइंस्टीन भी अपनी कब्र में उठकर ताली बजाने लगेंगे।… Continue Reading →

जयराम रमेश का नया मौसम विज्ञान: छात्रों का गुस्सा, साहेब की ‘परम-शक्ति’ और राहुल का नया अवतार!

प्रिय देशवासियों और राजनीति के शौकीनों, ‘काक-वाणी’ के इस विशेष बुलेटिन में आपका स्वागत है। आज हमारे निशाने पर हैं कांग्रेस के मुख्य शब्द-शिल्पी, अंग्रेजी के प्रकांड पंडित और पार्टी के ‘थिंक-टैंक’ जयराम रमेश जी। हाल ही में उन्होंने एक… Continue Reading →

लहसुन-प्याज मुक्त राष्ट्रवाद: जब थाली से तय होने लगा देशभक्ति का सर्टिफिकेट

भारत में आपका चरित्र, आपकी देशभक्ति और आपके संस्कार इस बात पर निर्भर नहीं करते कि आप कानून का कितना पालन करते हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करते हैं कि आपकी कढ़ाई में क्या पक रहा है। ‘काक-वाणी’ के… Continue Reading →